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अंगण

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अंगण संज्ञा पुं॰ [सं॰ अङ्गण]

१. घर के बीच खुला हुआ भाग । आँगन । सहन । चौक । अजिर । उ॰— (क) संदेसे ही घर भर् यउ अंगणि कई वार ।— ढोला॰, दू॰, ८०० । (ख) आबी द्वार, तजे ग्र अंगण ।— राज॰, पृ॰ १८ । विशेष— शुभाशुभ निश्चय के लिये इसके दो भेद माने गए हैं, एक ' सूर्यवेधी' जो पूर्व पश्चिम लंबा हो, दसरा ' चंद्रवेधी' जिसकी लंबाई उत्तर दक्षइण हो । चंद्रवेधी अंगन अच्छा समझ जाता है ।

२. यान । सवारी (को॰) ।

३. संचरण । गमन (को॰) ।