सामग्री पर जाएँ

अंधेर

विक्षनरी से

हिन्दी

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अंधेर संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्धकार (अन्ध इव करोति—इति); प्रा॰ अंधकार- अन्धकार , अप॰; पुं॰, हिं॰ अंधेर, अंधियार]

१. अन्याय । अविचार । अत्याचार । जुल्म ।

२. उपद्रव । गड़बड़ । कुप्रबंध । भौसा । अंधाधुंध । धींगाधींगी । अनर्थ । क्रि॰ प्र॰—करना ।—मचाना ।—होना = अविचार या गड़बड़ होना । धींगाधींगी होना । उ॰—इतनी फिरंगिनें बैठी हैं किसी की जबान तक न हिली और हम आपस में कटे मरते हैं, क्या अंधेर है ।—फिसाना॰, भा॰३, पृ॰ ३ ।