अकसर

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हिन्दी

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अकसर ^१ क्रि॰ वि॰ [अ॰] प्रायः । बहुधा । अधिकतर । बहुत करके । विशेष करके उ॰—बदन पर अकसर गाते, भौं मिंहदी से रँगते है ।—भारतेन्दुँ ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ २४९ ।

अकसर ^२ पु † [सं॰ एक+ सर (प्रत्य॰)] अकेले । बिना किसि को साथ लिए । तनहा । उ॰—धनि सो जीव दगध इमि सहा । अकसर जरइ न दूसर कहा ।—जायसी (शब्द॰) ।

अकसर ^३पु † वि॰ अकेला । एकाकी । उ॰—करि पूजा मारीच तब सादर पूछी बात । कवन हेतु मन व्यग्र अति अकसर आयहु तात—मानस, ३१८ ।