अकेला

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

अकेला ^१ वि॰ [सं॰ एकल; प्रा॰ अक्केल्लय, एकल्लप] [स्त्री॰ अकेली] जिसके साथ कोई न हो बिना साथी का । दुकेले का उलटा । एकाकी । तनहा; जैसे—'वह अकेला आदमी इतनी चीजैं कैसे ले जायेगा' (शब्द॰) । उ॰—मै अकेला, देखता हूँ आ रही मेरे दिवस की साध्य वेला ।—अणिमा, पृ॰ २० । मुहा॰—अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता = एकाकी या अकेले व्यक्ति द्वारा बड़ा काम न होना । अकेला हँसता भला न रोता = एकाकी या त्नहा किसी प्रकार बात न बन पड़ना ।

२. अद्वितीय । यक्ताँ । निराला; जैसे—'वह इस हुनर में अकेला है' ।—(शब्द) । । यौ॰—अकेला दम = एक ही प्राणी । बिलकुल एकाकी । जैसे— 'हमारा तो अकेला व्म है, जब तक जाते है खर्च करते है ।'— (शब्द॰) । अकेला दुकेला = (१) एक या दो । इक्का दुक्का । (२) एकाकी ।

अकेला ^२ संज्ञा पुं॰ निराला । एकांत । शून्य स्थान । निर्जन स्थान; जैसे—'वह तुम्हैं अकेले में पावेग तो जरूर मारेगा' (शब्द॰) ।