अगला

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

अगला ^१ वि॰ [सं अग्र, प्रा॰ अग्गल] [स्त्री॰ अगली]

१. आगे का । सामने का । अगाड़ी का । पिछला का उलटा । जैसे—घोड़े का अगला पैर सफेद हे (शब्द॰) । उ॰ —वह अगला समतल जिसपर है देवदारु, का कानन । —कामायनी, पृ॰ २७९ ।

२. पहले का । पूर्वावर्ती । प्रथम । उ॰—आवै औरँगसाह नूँ अगली मुहराँ याद । —रा॰ रू॰, पृ॰ ३५० ।

३. विगत समय का । प्राचीन । पुराना । उ॰—रेखते के तुम्हीं उस्ताद नहीं हो गालिब । कहते हैं अगले जमाने में कोई मीर भी था । —कविता को॰, भा॰ ४, पृ॰ १२२ । यौ॰—अगले समय । अगले लोग ।

४. आगमी । आनेवाला । भविष्य । जैसे—मैं अगले साल बहाँ जाऊँगा (शब्द॰) ।

५. अपरा । दूसरा । एक के बाद का । जैसे— 'उससे अगला हमारा घर है' (शब्द॰) ।

अगला ^२ संज्ञा पुं॰

१. अगुआ । अग्रगण्य । प्रधान । जैसे—वे सब बातों में अगले बनते हैं । (शब्द॰) ।

२. चतुर आदमी । चालाक । चुस्त आदमी । जैसे—'अगला अपना काम कर गया, हम लोग देखते हो रह गएँ (शब्द॰) ।

३. पूर्वज । पुरखा (बहु॰ व॰ में ही प्रयुक्त) । जैसे—जो अगले करते हैं उसे करना चाहिए (शब्द॰) । मुहा॰—अगले पिछलोँ की रोना = पूर्वजो और औलाद के नाम र रोना या मातम करना । उ॰—'खाक अच्छा गाती है । गाती है या रोती है अपने अगले पिछलोँ की डायन' । —सैर कु॰, पृ॰ २० ।

४. अपने पति को सूचित करने के लिये स्त्रियों द्बारा प्रयुक्त शब्द ।

५. करनफूल के आगे लगी हुई जंजीर ।

६. गाँव और उसकी हद के बीच में पड़नेवाले खेतों का समह ।