अतोल

विक्षनरी से
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हिन्दी

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अतोल वि॰ [हि॰ अ+तोल] [स्त्री॰ अतोली]

१. बिना तौला हुआ । बिना अंदाज किया हुआ । जो कूता न हो । उ॰— साज साहित एक घुड़िला लैयो गैया दूध अतोली जू । —नंद ग्रं॰, पृ॰ ३३७ ।

२. जिसकी तौल या अंदाज न हो सके । बे अंदाज । बहुत अधिक । उ॰—चलै गोल गोली अतोली सनंकै, मनो भौर भीरैं उड़ातीं भनंकै । —पद्माकर ग्रं॰, पृ॰ १० ।

३. अतुल्य । अनुपम । बेजोड़ । उ॰—पगति धरत मग घरनि धुजावैं धूरि, लावैं निज ऊपर अतोल बल धारे ते । — हम्मीर॰, पृ॰ २३ ।