अनैकान्तिक

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हिन्दी

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अनैकांतिक वि॰ [सं॰ अनैकान्तिक] दे॰ 'अनेकांत' [को॰] ।

अनैकांतिक हेतु संज्ञा पुं॰ [सं॰ अनैकान्तिकहेतु] न्या के पाँच हेत्वाभासों में से एक । वह हेतु जो साध्य का एकमात्र साधन- भुत न हो । बह बात जिससे किसी वस्तु की एकांतिक सिद्धि न हो । सव्यानिचार हेत्वामास । । जैसे,— कोई कहे कि शब्द नित्य है क्योंकि बह स्पर्शवाला नहीं है । यहाँ घर आदि स्पर्शवाले पदार्थों को अनित्य देखकर अस्पृश्यता को नित्यता का एक हेतु मान लिया गया है । पर परमाणु, जो स्पर्शवाले हैं, नित्य हैं । अत: इस हेतु में व्यभिचार आ गया ।