अर्थवाद

विक्षनरी से
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ

हिन्दी

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अर्थवाद संज्ञा पुं॰ [सं॰] न्याय के अनुसार तीन प्रकार के वाक्यों में से एक । वह वाक्य जिससे कीसि विधि के करने की उत्तेजना पाई जाय । यह चार प्रकार का है—स्तुति, निंदा, परकृति और पुराकल्य ।