अलस

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हिन्दी

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अलस ^१ पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे॰ 'आलस्य' । उ॰—वारि जाम जु निसि उनीदे, अलस बसहि जम्हात ।—सूर॰, १० ।२६७६ ।

अलस ^२ वि॰ [सं॰] आलस्ययुक्त । आलसी । सुस्त । मंद । निरुद्योगी । उ॰—चंदन मिटाए तन अतिहीं अलस मन तागरी की पीक लीक लागी है कपोलौ ।—सूर॰, १० ।२५०७ ।

अलस ^३ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. पाँव का एक रोग जिसमें पानी से भींगे रहने या गंदे कीचड़ में पड़े रहने के कारण उँगलियों के बीच का चमड़ा सड़कर सफेद हो जाता है और उसमें खाज और पीड़ा होती है । खरवात । कंदरी ।

२. एक जहरीला छोटा जंतु [को॰] ।

३. एक तरह का पौधा [को॰] ।