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अव्यक्त

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

अव्यक्त वि॰ [सं॰]

१. जो स्पष्ट न हो । अप्रत्यक्ष । अगोचर । उ॰—(क) अटल शक्ति अविनाश अधिक बल एक अनादि अनूप । आदि अव्यक्त अंबिकापूरण अखिल लोक तव रूप ।— सूर (शब्द॰) । (ख) सिर्फ एक अव्यक्त शब्द सा 'चुप, चुप, चुप' ।— अपरा ,पृ॰ १३ ।

२. अज्ञात । अनिर्वचनीय । उ॰— प्रथम शब्द है शून्याकार । परा अव्यक्त सो कहै विचार ।— कबीर (शब्द॰) ।

अव्यक्त ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. विष्णु ।

२. कामदेव ।

३. शिव ।

४. प्रधान । प्रकृति (सांख्य) । उ॰—अव्यक्त मुलमनादि तरुत्वच चारि निगमागम भने । —मानस, ७ । १३ ।

५. वेदांत शास्त्रानुसार अज्ञान । सूक्ष्म शरीर और सुषुप्ति अवस्था ।

६. ब्रह्म । ईश्वर ।

७. बीजगणित के अनुसार वह राशि जिसका मान अनिश्चित हो । अवनगत राशि ।

८. मायोपाधिक ब्रह्म (शंकर) ।

९. जीव । क्रि॰ प्र॰—होना (१) प्रकृति दशा को प्राप्त होना । कारण से लय होना । (२) अप्रकट होना । लुप्त होना । निर्वचनीय से अनिवर्चनीय अवस्था को प्राप्त होना ।