असुंदर

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

असुंदर ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ असुन्दर] वह व्यंग जिसकी अपेक्षा वाच्यार्थ में अधिक चमत्कार हो ।यह गुणीभूत व्यंग्य का एक भेद हैं । उ॰— ड़ाल रसाल जु लखत ही पल्लव जुत कर लाल । कुम्ह— लानी उर सालधर फूल माल ज्यों बाल (शब्द॰) ।

असुंदर ^२ वि॰ सुंदर न हो । कुरूप । भद्द । अप्रशस्त ।