आँतर

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

आँतर † ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्तर = भीतर] खेत का उतना भाग जितना एक बार जोतने के लिय़े घेर लिया जाता है ।

आँतर ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ अन्तर=दो वस्तुओं के बीच का स्थान]

१. पान के भीटे के भीतर की क्यारीयों के बीच का स्थान जो आने जाने के लिय़े रहता है । पासा ।

२. ताने में दोनों सिरों की खुँटियो के बीच को दो लडकियाँ जो थोडी थोडी दुर पर साँथी अलग करने के लिय़े गाडी जाती हैं (जुलाहे) ।

३. भिन्नता । अंतर । उ॰—जीव ब्रह्म आँतर नहिं कोय । एकै रुप सर्वघट होय ।—दरिया॰ बानी, पृ॰ १६ ।

४. दुरी । फासला । उ॰— आँतर जनु हो तोहार । तेंदुर का उर हार ।—विद्यापती, पृ॰३३० ।