आँसू

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

आँसू संज्ञा पुं॰[ सं॰ अक्षु, पा॰ अस्सु, प्रा अंसु] वह जल जो आँख के भीतर उस स्थान पर जमा रहता है, जहाँ से नाक की ओर नली जाती है । उ॰— जो घनीभूत लपीड़ा थी मस्तक में स्मृति सी छाई, दुर्दिन में आँसू बनकर वह आज बरसने आई ।— आँसू, पृ॰ १४ । विशेष— यह जल आँख की झिल्लियों को तर रखता है और डेले पर गर्द या तिनके को नहीं रहने देता, धोकर साफ कर देता है । आँसू भी थूक की तरह पैदा होता रहता है और बाहरी या मानसिक आघात से बढता है । किसी प्रबल मनोवेग के समय, विशेषकर पीड़ा और शोक में आँसू निकलते हैं । क्रोघ और हर्ष में भी आँसू निकलते हैं । अधिक होने पर आँसू गालों पर बहने लगता है और कभी कभी भीतरी नली के द्वारा नाक में भी चला जाता है और नाक से पानी बहने लगता । क्रि॰ प्र॰—आना ।—गिरना ।—गिराना ।—चलना ।—रूकना ।—टपकाना ।— डालना ।—ढालना ।—निकालना ।— बहना ।— बहाना । यौ॰.— आँसू की धार । आँसू की लड़ी । मुहा॰— आँसू गिराना =रोना । जैसे, — क्यों झूठ झूठ आँसू गिराते हो । आँसू डबडबाना: = आँसू निकलना । रोने की दशा होना । जैसे- यह सुनते ही उसके आँसू डबडबा आए । आँसू ढालना: = आँसू गिराना । रोना । जैसे, - परगट ढारि सकै नहिं आँसू । घुट घुट माँस गुपृत होय नासू ।— जायसी (शब्द॰) । आँसू तोड़ = कुसमय की वर्ष (ठग) । आँसू थमना = आँसू रूकना । रोना बंद होना । जैसे, — जब से उन्होंने यह समाचार सुना है, तब से उनके आँसू नहीं थमते है । उ॰— थमते थमते थमेंगे आँसू । रोना है कुछ हँसी नहीं है ।— मीर (शब्द॰) । आँसू पीकर रह जाना = भीतर ही भीतर रोकर रह जाना । अपनी व्यथा को रोकर प्रकट न करना । मन ही मन मसोसकर रह जाना । जैसे, —(क) मेरे देखते उसने बच्चे पर हाथ चलाया था; और मैं आँसू पीकर रह गया । (ख) इतना दु:ख उस पर पड़ा वह आँसू पीकर रह गया । आँसू पुछना = आश्रासन मिलना । ढारस बँधना । जैसे, — उस बेचारे की सारी संपत्ति चली गई पर घर बच जाने से आँसू पुँछ गए । (शब्द॰) । आँसू पोंछना = (१) बहते हुए आँसू को कपड़े से सुखाना । (२) ढारस बँधाना । दिलासा देना । तसल्ली देना । अश्र्वासन देना । जैसे— (क) उसका घर ऐस सत्यानाश हुआ कि कोई आँसू पोंछनेवाला भी न रहा । (ख) हमारा सारा रूपया मारा गया, आँसू पोंछने के लिये १००) मिले हैं ।— आँसु भर आऩा = आँसू निकल पड़ना । आँसू भर लाना = रोने लगना । जैसे, — यह सुनते ही वह आँसू भर लाया । आँसु का तार बँधना = बराबर आँसू बहना । आँसू ओँ से मुँह धोना = बहुत आँसू गिराना । बहुत रोना । अत्यंत विलाप करना ।