आधी

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

आधी वि॰ स्त्री॰ [सं॰ अर्द्ध, प्रा॰ अद्ध] आधा का स्त्रीलिंग रूप । उ॰— प्राधो छोड सारी को धावै । आधी रहै न सारी पावै ।— लोक॰ ।

आधी रात के समय जब यज्ञ समाप्त हो गया, तब ऋषियों ने एक घड़े में अभिमंत्रित जल भरकर वेदी में रख दिया और आप सो गऐ । रात के समय जब युवनाश्व को बहुत अधिक प्यास लगी, तब उसने उठकर वही जल पी लिया जिसके कारण उसे गर्भ रह गया । समय पाकर उस गर्भ से दाहिनी कोख फाड़कर एक पुत्र उत्पन्न हुआ जो यही मांधाता था । इंद्र ने इसे अपना अँगूठा चुसाकर पाला था । आगे चलकर वह बड़ा प्रतापी और चक्रवर्ती राजा हुआ था और इसने शशविंदु की कन्या विंदुमती के साथ विवाह किया था, जिसके गर्भ से इसे पुरुकुस्त, अंवरीप और मुचुकुंद नामक तीन पुत्र और पचास कन्याएँ उत्पन्न हुई थी ।