आरंभ

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

आरंभ संज्ञा पुं॰ [सं॰ आरम्भ] किसी कार्य की प्रथमावस्था का संपादन । अनुष्ठान । उत्थान । शुरू । समाप्ति का उलटा । उ॰—आरंभ और परिमाणमों के संबंधसूत्र से बुनते हैं ।— कामायनी, पृ॰ ७५ । क्रि॰ प्र॰—करना । जैसे,—उसने कल से पढ़ना आरंभ किया । -होना । जैसे,—अभी काम आरंभ हुए कै दिन हुए है? ।

२. किसी वस्तु का आदि । उत्थान । शुरू का हिस्सा । जैसे,— हमने यह पुस्तक आरंभ से अंत तक पढ़ी है ।

३. उत्पत्ति । आदि ।

४. वध (को॰) ।

५. गर्व (को॰) ।