आर्तव

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

आर्तव ^१ वि॰ [सं॰ ] [स्त्री॰ आर्तवी] ऋतु में उत्पन्न । मौसमी । सामयिक ।

२. ऋतु संबंधी ।

३. मासिक स्राव संबंधी [को॰] ।

आर्तव ^२ वह रज जो स्त्रियों की योनि से प्रति मास निकलता है । पुष्प । रज । यौ॰— आर्तव रोग = स्त्रियों के मासिक धर्म का समयानुसार न होना । यह दो प्रकार का होता है —(१) रजस्राव = जब रजोधर्म चार से अधिक दिन तक रहे अथवा महीने में एक से अधिक बार हो । (२) रजस्तंभ = जब रजोधर्म एक मास से अधिक काल पर हो या महीने ता अंतर देकर हो ।