आलिंगन

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

आलिंगन संज्ञा पुं॰ [सं॰] [वि॰ आलिंगित, आलिंगी, आलिंग्य] गले से लगाना । हृदय से लगाना । परिरंभण । उ॰—अजहूँ न लक्ष्मी च्द्रगुप्तहिं गाढ आलिंगन करै ।—भारतेंदु ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ १ । विशेष—यह सात प्रकार की बहिर्रतियों में गिना गया है; जैसे—आलिंगन, चुंबन, परस, मर्दन, नख-रद-दान । अधर- पान सो जाहिए, बहिरति सात सुजान ।—केशव ग्रं॰ भा॰ १, पृ॰ १४ ।