इंद्रवज्रा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

इंद्रवज्रा संज्ञा पुं॰ [सं॰ इन्द्रवज्रा] एक वर्णावृत्त का नाम जिसमें दो तगण, एक जगण और गुरु होते हैं । उ॰—ताता जगो गोकु ल नाथ गावो । भारी सबै पापन को नसावों । साँची प्रभू काटहिं जन्मबेरी । है इंद्रवज्रा यह सीख मेरी । छंद॰, पृ॰ १५७ ।