इकछत

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

इकछत पु वि॰ [सं॰ एकच्छत्र] दे॰ 'एकछत्र' उ॰— जो नर इकछत भूप कहावै । सिंहासन ऊपर बैठे जतहीं चँवर ढूरावै । चरण॰ बानी॰, पृ॰ ९४ ।