इकतारा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

इकतारा संज्ञा पुं॰ [हिं॰ एक+तारा]

१. एक बाजा । एक प्रकार का तानपूरा या तबूरा । विशेष—इसकी बनावट इस प्रकार होती है : चमडे से मढा हुआ एक तूंबा बाँस के एकक छोर पर लगा रहता है । तुंबे के नीचे जो थोडा सा बाँस निकला रहता है उससे एक तार तूंबे के चमडे पर की घोडियाँ या ठिकरी पर से होता हुआ बाँस के दूसरे छोर पर एक खूँटि में बँधा रहता है । इस खूँटी को ऐंठकर तार को ढीला करते और कसते हैं । बजानेवाला इस तार को तर्जनी से हिला हिलाकर बजाता है । प्राय: साधु इसे बजा बजाकर भीख माँगते है ।

२. एक प्रकार का हाथ से बुना जानेवाला कपडा । विशेष—ईसके प्रत्येक वर्ग इंच में २४ ताने के और आठ बाने के तागे होते हैं । बुन जाने पर कपडा धोया जाता है औऱ उसपर कुंदी की जाती है । इसका थान ६ गज लंबा और ११ इंच चौडा होता है ।