उअना

विक्षनरी से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

उअना पु क्रि॰ अ॰ [हिं॰ उगना] उदय होना । उगना । उ॰— (क) फूले कुमुद सेत उजियारे । मानहुँ उए गनन महँ तारे ।—जायसी ग्रं॰, पृ॰ १३ । (ख) प्राची दिसि ससि उयेउ सुहावा । सिय मुख सरिस देखि सुख पावा ।— मानस, १ ।२३७ । (ग) उयौ सरद—राका—ससी, करति क्यों न चित चेतु । मनौ मदन छितिपाल कौ छाँहगीरु छबि देतु ।— बिहारी र॰, दो॰ २३१ ।