उखाड़ना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

उखाड़ना क्रि॰ स॰ [हिं॰ उखड़ना] किसी जमी, गड़ी या बैठी वस्तु को स्थान से पृथक् करना । उत्पाटन करना । जैसे (क) हाथी ने बाग के कई पेड़ उखाड़ ड़ाले ।(ख) उसने मेरी अँगूठी का नगीना उखाड़ दिया ।

२. अंग के जोड़ से अलग करना । जैसे कुश्ती में एक पहलवान ने दूसरे की कलाई उखाड़ दी ।

३. जिस कार्य के लिये जो उद्यत हो उसका मन सहसा फेर देना । भड़काना । बिचकाना । जैसे तुमने आकर हमारा गाहक उखाड़ दिया ।

४. तितर बितर कर देना । जैसे, उस दिन मेह ने मेला उखाड़ दिया ।

५. हटाना । टालना । जैसे, उसे यहाँ से उखाड़ो तब तुमहारा रंग जमेगा ।

६. नष्ट करना । ध्वस्त करना । उ॰—भुजाओं से बैरियों को उखाड़नेवाले दिलीप ।—लक्षमण (श्बद॰) । मुहा॰—कान उखाड़ना = (१) किसी अपराध के दंड में जोर से कान मलना या खींचना । कान गरम करना । (२) धमकाना । विशेष— विशेषकर शिक्षक और माँ बाप नटखट लड़कों को कान मलते हैं । गड़े मुर्दे उखाड़ना = पुरानी बातें को फिर से छेड़ना । गई बीती बात को उभाड़ना । पैर उखाड़ देना = स्थान से विचलित करना । हटाना । भगाना । जैसे —सिकखों ने पठानों के पैर उखाड़ दिए ।