उगना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

उगना क्रि॰ अ॰ [सं॰ उदगमन; पा॰ उग्गवन]

१. निकलना । उदय होना । प्रकट होना । जैसे— वह देखो सूरज उगा । उ॰— भन विद्यापति उगंत सेविअ मदन चिंतथु आउ ।— विद्यापति, पृ २२७ ।

२. जमाना । अंकुरित होना । जैसे— खेत में धान उग आए । संयो॰—क्रि॰ आना ।—उठना ।—जाना ।—पड़ना ।

३. उपजना । उत्पन्न होना । उ॰— विछुरंता जब भेटै सो जानै जेहि नेह । सुक्ख सुहेला उगबै दु:ख भ्करै जिमि मेह । जायसी (शब्द॰) ।

४. अधिक आकर्षक प्रतीत होना । शोभित होना । सुंदर लगना ।