उगरना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

उगरना ^१ † क्रि॰ अ॰ [सं अग्र या उदगरण]

१. सामने आना । निकलना । उ॰— गवन करै कहँ उगरै कोई । सनमुख ,सोम लाभ बहु होई ।—जायसी (शब्द॰) ।

२. कुएँ के स्त्रोत के पानी का बाहर आना । जैसे कुआँ उगरना ।

उगरना ^२ † क्रि॰ अ॰ [हिं उबरना] बचना । रक्षा होना । सुरक्षि त होना । उ॰—उगरीय जीय मानिक्क तन्न ।—पृ॰ रा॰ ५७ । २१७ ।