उगाल

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

उगाल संज्ञा पुं॰ [सं॰ उदगाल, पा॰ उग्गाल]

१. पीक । थूक । खखार । उ॰—अभी उगाल दास को दीजे, जल को परम कल्यान ।—धरम॰, पृ॰ ३० ।

२. पुराने कपड़े (ठगों की बोली) ।