उदासीन

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

उदासीन ^१ वि॰ [सं॰] [वि॰ क्त्री॰ उदासीना; संज्ञा उदासीनता]

१. विरक्त । जिसका चित्त हट गया हो । प्रपंचशून्य ।

२. झगडे़ बखेड़े से अलग । जो किसी के लेने देने में न हो ।

३. जो दो विरोधी पक्षों में से किसी की ओर न हो । निष्पक्ष । तटस्थ ।

४. रूखा । उपेक्षायुक्त । जैसे, —हम उनसे मिलने गए पर उन्होंने बड़ा उदासीन भाव धारण किया ।

उदासीन ^२ संज्ञा पुं॰

१. बारह प्रकार के राजाओं में वह राजा जो दो राजाओं के बीच युद्ध होते समय किसी की ओर न हो, किनारे रहे ।

२. वह पुरुष जिसे किसी अभियोग या मामले में दो पक्षों में से किसी के संबंध में न हो ।

३. पंच । तीसरा ।

४. कौटिल्य के अनुसार दूरवर्ती राष्ट्र का वह राजा जो शक्तिशाली तथा निग्रह अनुग्रह में समर्थ हो ।

५. अजनबी (को॰) ।

उदासीन मित्र संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह मित्र राजा जिसके संबंध में यह निश्चय न हो कि वह सहायता में कुछ करने का कष्ट उठाएगा । विशेष—कौटिल्य के अनुसार जिस राजा के पास बहुत अधिक उपजाऊ जमीन होगी, जो बलवान संतुष्ट तथा आलसी होगा और कष्ट से दूर भागनेवाला होगा, उसे सहायता के लिये कुछ करने की कम परवा होगी ।