उनका

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

उनका संज्ञा पुं॰ [अ॰ अन्का] एक पक्षी जिसे आज तक किसी ने नहीं देखा है । यह यथार्थ में एक कल्पित प्राणी है । यौ॰—उनका सिफत = उनका की तरह कभी न दिखाई देनेवाला । जैसे, आप तो आज कल उनका सिफत हो रहै हैं । कभी आप की सूरत ही नहीं दिखाई पड़ती (शब्द॰) ।