ऊछाह
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]ऊछाह पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ उत्साह, प्रा॰ उच्छाह] दे॰ 'उत्साह' । उ॰— सजि सिंगार आनंद मढ़ी बढी सरस ऊछाह । रंगमहल फूली फिरति चितवत मग चित चाह । —स॰ सप्तक, पृ॰ ३८९ ।
ऊछाह पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ उत्साह, प्रा॰ उच्छाह] दे॰ 'उत्साह' । उ॰— सजि सिंगार आनंद मढ़ी बढी सरस ऊछाह । रंगमहल फूली फिरति चितवत मग चित चाह । —स॰ सप्तक, पृ॰ ३८९ ।