ऊबना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ऊबना क्रि॰ अ॰ [सं॰ जद्व जन, पा॰ उब्बिजन, हिं॰ उबियाना] उकताना । घबराना । अकुलाना । कुछ काल तक एक ही अवस्था में निरतर रहने से चित्त की व्याकुलता । उ॰—ऊबत हौ डूबत डगत हौ डोलत हौ बोलत न काहे प्रीति रीति न रितै चले । कहैं पदमाकर त्यों उससि उसासनि सो आँसुवै अपार आइ आँखिन इतै चलै— । पद्माकर (शब्द॰) ।