ऊर्द्ध्वचरण

विक्षनरी से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ऊर्द्ध्वचरण संज्ञा पुं॰ [सं॰ ]

१. एक प्रकार के तपस्वी जो सर क े बल खडे़ होकर तप करते हैं ।

२. शरभ नामक सिंह जिसके आठ पैरों में से चार पैर ऊपर को होते थे ।