ऊर्द्ध्वबाहु

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ऊर्द्ध्वबाहु संज्ञा पुं॰ [सं॰ ] एअक प्रकार के तपस्वी जो अपने एक बाहु के ऊपर की ओर उठाए रहते हैं । वह बाहु सूखकर बेकाम हो जाता है ।