एकदण्डा

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

एकदंडा संज्ञा पुं॰ [सं॰ एकदण्ड] कुश्ती का एक पेंच । विशेष—यह पीठ के डंडे की तोड़ का तोड़ है । इसमें शत्रु जिस और को कुंदा मारता है, खिलाड़ी उसकी दूसरी ओर का हाथ झट गर्दन पर से निकाल कर कुंदे में फँसा हुआ हाथ खूब जोर से गर्दन पर चढ़ाता है । फिर गर्दन को उखेड़ते हुए पुट्ठे पर से लेकर टाँग मारकर गिराता है । तोड़—खिलाड़ी के तरक की टाँग से भीतरी अड़ानी खिलाड़ी की दूसरी टाँग पर मारे और दूसरी तरफ के हाथ से टाँग को लपेट कर पिछली बैठक करके खिलाड़ी को पीछे सुलाने को तोड़ कहते हैं ।