एकलङ्गा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

एकलंगा संज्ञा पुं॰ [हि॰ एक+लंगा=लंगड़ा] कुश्ती का एक पेंच । विशेष—जब विपक्षी सामने खड़ा होता है । तब खिलाड़ी अपने दाहिने हाथ से विपक्षी की बाई बाहँ ऊपर से लपेट अपने बाएँ हाथ से विपक्षी का दाहिना पहुँचा पकड़ अपनी दाहिनी टाँग को, विपक्षी की बाई टाँग पर रखता है और उसको एकबारगी उठाता हुआ विपक्षी को बाँह से दबाकर झुकाकर चित्त कर देता है ।