एकलड़ी
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]एकलड़ी †पु वि॰ [सं॰ एकल+हि॰ ड़ी (प्रत्य॰)] अकेला । एकाकी । एकला । उ॰—महि मोराँ मंड़न करइ, मनमथ अंगि न भाइ । हूँ कलड़ी किम रईऊँ मेह पधारउ भाइ । —ढ़ोला॰ दू॰, २६३ ।
एकलड़ी †पु वि॰ [सं॰ एकल+हि॰ ड़ी (प्रत्य॰)] अकेला । एकाकी । एकला । उ॰—महि मोराँ मंड़न करइ, मनमथ अंगि न भाइ । हूँ कलड़ी किम रईऊँ मेह पधारउ भाइ । —ढ़ोला॰ दू॰, २६३ ।