एकांतवास

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

एकांतवास संज्ञा पुं॰ [सं॰ एकान्तवास] निर्जन स्थान में रहना । अकेले में रहना । सबसे न्यारा रहना । उ॰—आठ बरम के दीर्घ एकांतवास के बाद सौदर्य के चुनाव में भाग लेने के लिये सालवती बाहर आ रही है ।—इंद्र॰, पृ॰, १४६ ।