एकाग्रता

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

एकाग्रता संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. चित्त का स्थिर होना । अचंचलता । उ॰— 'उसे कल्पना की एकाग्रता ने माता के पैरों की चाँप तक सुनवा दी' ।—तितली, पृ॰, ६८ ।

२. योगदर्शन के अनुसार चित्त की एक भूमि जिसमें किसी प्रकार की चंचलता या अस्थिरता नहीं रह जाती और योगी का मन बिलकुल शांत रहता है ।