एह

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search

हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

एह ^१ पु सर्व॰ [सं॰ एषः, अप॰ एह] यह । उ॰—स्वारथ परमारथ रहित सीताराम सनेह । तुलसी सो फल चारि को फल हमार मत एह ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ९१ ।

एह ^२ वि॰ यह ।