एहो

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

एहो अव्य॰ [हिं॰ हे, हो] संबोधन शब्द । हे । ऐ । ऐ ऐ—संस्कृत वर्णमाला का बारहवाँ और हिंदी या देवनागरी वर्णमाला का नवाँ स्वर वर्ण । इसका उच्चारण स्थान कंठ और तालु है । विशेष—हिंदी में इसका उच्चारण दो ढंग से होता है । संस्कृत या तत्सम श्बदों में तो 'ए' का उच्चारण संस्कृत के अनुसार ही कुछ 'इ' लिए हुए 'अइ' के ऐसा होता है, जैसे 'ऐरावत' । पर हिंदी शब्दों में इसका उच्चारण 'य' लिए 'अय्' की तरह होता है, जैसे—'ऐसा' । यह प्रवृत्ति पश्चिम की है । पूरब की प्रांतिक बोलियों में या मराठीभाषी आदि के हिंदी उच्चारण में 'ऐसा' में भी 'ऐ' का उच्चारण संस्कृत ही की तरह रहता है ।