ऐंचाताना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ऐंचाताना वि॰ [हिं॰ ऐंचना+ तानना] [वि॰ स्त्री॰ ऐंचातानी] जिसकी पुतली देखने में दूसरे ओर को खींचती हो । जो देखने में उधर देखता हुआ नहीं जान पड़ता जिधर वह वास्तव में देखता है । भेंगा । उ॰—सौ में फुली सहस में काना । सवा लाख में ऐंचाताना । ऐंचाताना कहै पुकार । कंजे से रहियो हुशियार ।