ऐंठन

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ऐंठन संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ आवेष्ठन, पा॰ आवेट्ठन]

१. वह स्थिति जो रस्सी या उसी प्रकार की और लचीली चीज को लपेटने या मरोड़ने से प्राप्त होती है । घुमाव । लपेट । पेंच । मरोड़ । बल । जैसे—रस्सी जल गई, पर ऐंठन नहीं गई । यौ॰—उलटी ऐंठन=वह ऐंठन जिसका घुमाव दाहिनी ओर से बाई ओर को हो । वामवर्त ऐंठन सीधी ऐंठन=वह ऐंठन जो बाएँ से दाहिने गई हो । दक्षिणावर्त ऐंठन ।

२. खिंचाव । अकड़ाव । तनाव ।

३. कुड़ल । कुड़िल । तशन्नुज ।