ऐद्रजालिक

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ऐद्रजालिक कर्म संज्ञा पुं॰ [सं॰ ऐन्द्रजालिक कर्म] जादू के काम । माया के काम । ऐसे काम जिनसे लोग धोखा खाए । विशेष—कौटिलीय अर्थशास्त्र के औपनिषदिक खंड के दूसरे प्रकरण में इस प्रकार के अनेक उपाय बताए हैं, जिनसे मनुष्य कुरूप हो जाता था, बाल सफेद हो जाते थे, वह कोढ़ी की तरह या काला हो जाता था, आग में जलता नहीं था, अंतर्द्धान हो सकता था ओर इसकी छाया नहीं पड़ती थी ।