ओकार

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ओकार संज्ञा पुं॰ [सं॰] 'ओ' अक्षर ।

ओकार संज्ञा पुं॰ [सं॰ अवधार] रथ या पालकी के ऊपर पड़ा हुआ कपड़ा । परदा । उ॰—(क) सिबिका सुभग ओहार उघारी । देखि दुलहिनिन्ह होहिं सुखारी ।—मानस, १ ।३४७ । (ख) संत पालकी निकट सिधारे । करिकै विनय ओहार उघारे ।—रघुराज (शब्द॰) ।