ओरी

विक्षनरी से
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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ओरी ^१ † संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ ओर = सिरा+ई (प्रत्य॰)] ओरती । ओलती । उ॰—(क) ओरी का पानी बरेंड़ी जाय । कंड़ा बूड़ै़ सिल उतराय ।—कबीर (शब्द॰) ।

ओरी ^२ † अव्य॰ [हि॰ ओ, री] स्त्रियों को पुकारने का एक संबोधन । विशेष—बुंदेलखंड में इस शब्द से माता को भी पुकारते है, और माता शब्द के अर्थ में भी इसका व्यवहार करते हैं ।

ओरी पु ^३ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ ओर] ओर । तरफ । उ॰—हम तुम हिलि मिलि करि एक संग हवै चलैं गगन की ओरी ।—जग॰ श॰, पृ॰ ७५ ।