औड़ा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

औड़ा ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ कुण्ड; प्रा॰ उंड] [स्त्री॰ ओड़ी]

१. दे॰ 'ओड़ा' ।

२. बाँस का वह टोकरा जिसमें तंबोली पान रखते है । खोंचा । बड़ा टोकरा । उ॰—मुख ओड़ी रे माहिले पर काचड़ा पुरीष ।—बाँकी॰ ग्रं॰, भा॰२, पृ॰ ५७ ।

३. एक खँचिया का मान जिससे सुर्खी, चूना नापा जाता है ।

औड़ा क्रि॰ वि॰ [हिं॰ औंड़ा] गहरे । अंदर की ओर । भीतर । उ॰—विषय के अंदर पहुँच जाने की योग्यतावाले जितने औड़ े जायँगे उतने ही मुरजीवा को तरह रात्त और मोती लेकर आवैगे ।—सुंदर॰, ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ २०५ ।