औरेब

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

औरेब संज्ञा पुं॰ [सं॰ अव = विरूद्ध +रेख>रेह>रेअ>रेब या फा॰ उरेब]

१. वक्र गति । तिरछी चाल ।

२. कपड़े की तिरछी काट ।

३. पेंच । उलझन ।

४. पेंच की बात । चाल की बात । उ॰—दीनी है मधुप सबहिं सिख नीकी । हमहूँ कछुक लखी है तब की औरेबै नँदलाल की ।—तुलसी (शब्द॰) ।

५. किंचित् दोष या त्रुटि । साधारण खरीबी । मुहा॰—औरेब सुधारना = उलझन दूर करना । यौ॰—औरेबदार = टेढ़ी काटवाला ।