कँधेली

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

कँधेली संज्ञा स्त्री॰ [ हिं॰ कंधा +एली (प्रत्य॰) ]

१. घोड़ागाड़ी का एक साज जिसे घोडे़ को जोतते समय उसके गले में डालते हैं । इसके नीचे कोई मुलायम या गुलगुली चीज टँकी रहती है जिससे घोडे़ के कंधे में रगड नहीं लगती है ।

२. घोडे़ या बैल को पीठ पर रखने का सुंड़का या गद्दी । यह चारजामे या पलाभ के नीचे इसलिये रखी जाती है कि उनकी पीठ पर रगड़ न लगे ।