कंचुली

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

कंचुली संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ कञ्चुली] केंचुल । उ॰—(क) विषै कर्म की कंचुली पहिर हुआ नर नाग ।—कबीर ग्रं॰, पृ॰ ४१ । (ख) माँग तैं मुकुतावलि टरि, अलक संग अरुझि रही उरगिनि सत फन मानौ कंचुलि तजि दीनी ।—सूर॰, १० । १९६४ ।