ककन
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]ककन पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कङ्कण]
१. 'कंकण' ^१ । उ॰—दीन्हीं हार गरैं, कर 'कंकन' मौतिनि थार भरे—सूर॰ १० ।१७ । दे॰ 'कंकण' । उ॰—कर कंपै कंकन छूटै ।—सूर॰ ९ ।२५ ।
ककन पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कङ्कण]
१. 'कंकण' ^१ । उ॰—दीन्हीं हार गरैं, कर 'कंकन' मौतिनि थार भरे—सूर॰ १० ।१७ । दे॰ 'कंकण' । उ॰—कर कंपै कंकन छूटै ।—सूर॰ ९ ।२५ ।