कबड्डी

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

कबड्डी संज्ञा स्त्री॰ [देश॰]

१. लड़को के एक खेल का नाम । विशेष—इसमें लड़के दो दलों में होकर मैदान में मिट्टी का एक ढुह बनाने हैं जिसे पाला या डाँडमेंड़ कहते हैं । फिर एक दल पाले के एक ओर और दूसरा दूसरी ओर हो जाता है । एक लड़का एक ओर से दूसरी ओर 'कबड्डी कबड्डी' कहता हुआ जाता है और दूसरे दल के लड़कों को छूने की चेष्टा करता है । यदि वह लड़का किसी दूसरे दल के लड़के को छूकर पाले के इस पार बिना साँस तोड़े चला आता है, तो दूसरे पक्ष के वे लड़के जिन जिनको इसने छुआ था, मर जाते हैं । अर्थात् खेल से अलग हो जाते हैं । यदि इसे दूसरे दल के लड़के पकड़ लें और उसकी साँस उनेक हद्द में ही टूट जाय तो उलटा वह मर जाता है । फिर दूसरे दल से एक लड़का पहले दल की ओर 'कबड्डी कबड्डी' करता जाता है । यह तब तक होंता रहता है जबतक किसी दल के सब खिलाड़ी शेष नहीं हो जाते । मरे हुए लड़के तबतक खेल से अलग रहते हैं जबतक उनके दल का कोई लड़का विपक्षी के दल के लड़को में से किसी को न मार डाले । इसे वे जीना कहते हैं । यह जीना भी उसी क्रम से होता है जिस क्रम से वे मरे थे । क्रि॰ प्र॰—खेलना । मुहा॰—कबड्डी खेलना = कूदना । फाँदना । कबड्डी खेलते फिरना = बेकाम फिरना । इधर उधर घूमना ।

२. काँपा । कंपा ।