कमानी

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

कमानी संज्ञा स्त्री॰ [फा़॰ कमान] [वि॰ कमानीदार]

१. लोहे की तीली, तार अथवा इसी प्रकार की और कोई लचीली वस्तु जो इस प्रकार बैठाई हो कि दाब पड़ने से दब जाय और हटने पर फिर अपनी जगह पर आ जाय । उ॰— कमर कमानी बार तार सों सुंदर ताहि सजायो है ।—भारतेंदु ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ ३५८ । विशेष—कई फेटों में कोई लपेटा हुआ तार, लोहे को झुका के बैठाई हुई पट्टियाँ आदि कमानी का काम देती हैं । कमानी कई कामों के लिये लगाई जाती है—गति के लिये; जैसे, घड़ी, पंखे आदि में । झटका बचाने के लिये; जैसे, गाड़ी में । दाब के द्वारा तौल का अंदाज करने के लिये; जैसे तौलने के काँटे में । किसी वस्तु को झटके के साथ खोलने या बंद करने के लिये; जैसे किवाड़ में । एक साथ कई काम करनेवाली कलों के किसी कार्य को रोकने के लिये; जैसे, छापने वा खरादने की मशीन में । क्रि॰ प्र॰—उतारना ।—चढ़ाना ।—जड़ना ।—बैठाना ।— लगाना ।